7.2 और 5.0 तीव्रता वाले भूकंप से दहले पापुआ न्यू गिनी और अंडमान, खौफ में लोग

दोनों जगह आए भूकंप में जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है. लेकिन लोगों में खौफ जरूर पसर गया है. हालांकि पापुआ न्यू गिनी में भूकंप के कारण वहां बिजली प्रभावित हुई और लोगों के सामान जमीन पर गिर गए.

इंडोनेशिया के पास प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थित पापुआ न्यू गिनी मंगलवार को भूकंप के तेज झटकों से दहल उठा. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 रही. वहीं अंडमान द्वीप समूह में भी 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. यह भूकंप दोपहर 1 बजकर 54  मिनट पर आया. दोनों जगह आए भूकंप में जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है. लेकिन लोगों में खौफ जरूर फैल गया है. हालांकि पापुआ न्यू गिनी में भूकंप के कारण वहां बिजली प्रभावित हुई और लोगों के सामान जमीन पर गिर गए.

127 किमी नीचे था केंद्र

भूकंप का केंद्र बुलोलो शहर से 30 किलोमीटर दूर जमीन के 127 किलोमीटर नीचे था. यह जानकारी अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने दी. अधिकारियों के मुताबिक भूकंप के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और उसकी गहराई दिखाती है कि सुनामी का भी कोई खतरा नहीं है. बुलोलो पुलिस स्टेशन कमांडर लियो काइकास ने मीडिया को बताया, ”हम स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं, फिलहाल किसी नुकसान का पता नहीं चला है.”

ऐसा था खौफनाक मंजर

लाए शहर के निवासियों ने कहा कि भूकंप के कारण अलमारियां और बाकी चीजें गिर गईं. साथ ही कुछ इलाकों में बिजली भी चली गई. शहर में रहने वाले एक डिजाइनर ने बताया, ”भूकंप 30 सेकंड से कुछ ज्यादा समय तक महसूस हुआ. लेकिन चीजें जल्द ही सामान्य हो जाएंगी. बिल्डिंगों को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक भूकंप के केंद्र के 50 किलोमीटर के हिस्से में करीब 1 लाख 10 हजार लोग रहते हैं.

पापुआ न्यू गिनी संवेदनशील इलाका

पिछले साल फरवरी में पापुआ न्यू गिनी में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 125 लोग मारे गए थे. टेक्टॉनिक प्लेट्स के लगातार टकराने से यह इलाका भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है. यहां आए दिन भूकंप आते रहते हैं. इससे पहले 13 अप्रैल की सुबह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भूकंप आया था.

भूकंप का ज्यादा असर निकोबार में दिखा था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 दर्ज की गई थी. इसके बाद रात 9.55 बजे भी यहां भूकंप से लोग सहम उठे थे. इसकी तीव्रता 5.0 थी. उत्तरकाशी के बरकोट शहर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार 4.7 से 5.2 की तीव्रता वाले 9 मीडियम भूकंप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में महसूस किए गए थे.